भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निरस्त, मचा हड़कंप
चंपावत में कोर्ट के फैसले के अनुसार रद्द किया गया निर्वाचन, जिले में दूसरा झटका

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: चंपावत में जिला पंचायत चुनाव को लेकर एक और बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। जिला न्यायालय ने भंडारबोरा सीट से विजयी घोषित भाजपा समर्थित उम्मीदवार शैलेश चंद्र जोशी का निर्वाचन रद्द कर दिया है। अदालत ने मतगणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों को आधार मानते हुए सीट को रिक्त घोषित कर दिया। अदालत के आदेश के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप की स्थिति है। दूसरी तरफ कोर्ट दो मतदाता सूची में नाम वाले प्रत्याशियों पर भी चाबुक चला रही है।
यह फैसला जिला जज Anuj Kumar Sangal की अदालत ने सुनाया। हालांकि, चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाले दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी कमल सिंह रावत को सीधे विजयी घोषित करने की मांग भी अदालत ने खारिज कर दी।
भंडारबोरा सीट पर हुए चुनाव में शैलेश चंद्र जोशी ने बेहद करीबी मुकाबले में कमल सिंह रावत को 25 वोटों से हराया था। घोषित परिणामों के अनुसार शैलेश जोशी को 3282 वोट मिले थे, जबकि कमल सिंह रावत के खाते में 3257 मत आए थे। तीसरे प्रत्याशी अशोक सिंह को 48 वोट मिले थे। वहीं, 278 मत निरस्त घोषित किए गए थे।
परिणाम आने के बाद कमल सिंह रावत ने जिला न्यायालय में चुनाव याचिका दायर कर मतगणना और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। सुनवाई के दौरान अदालत में कई दस्तावेज और रिकॉर्ड पेश किए गए। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता Ram Singh Bisht ने दावा किया कि मतदान और मतगणना के आंकड़ों में बड़ा अंतर मिला है।
अदालत में यह तर्क रखा गया कि कुल 6719 मत डाले गए थे, जबकि मतगणना में 6865 मतों की गिनती दिखाई गई। यानी दोनों आंकड़ों में 146 मतों का अंतर पाया गया। इसके अलावा निरस्त मतों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए गए।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड की जांच के बाद अदालत ने पूरी मतगणना प्रक्रिया को शून्य मानते हुए चुनाव रद्द करने का आदेश जारी किया।
गौरतलब है कि चंपावत जिला पंचायत में यह 15 दिनों के भीतर दूसरी सीट है, जिसे अदालत ने रिक्त घोषित किया है। इससे पहले शक्तिपुरबुंगा सीट से विजयी निर्दलीय उम्मीदवार Krishnanand Joshi का निर्वाचन भी अदालत रद्द कर चुकी है। उस मामले में मतदाता सूची में दो स्थानों पर नाम होने का मुद्दा सामने आया था।



