उफनती नदी में फंसे 60 श्रद्धालु, SDRF ने समय रहते बचाईं जान, रीठा साहिब जोड़ मेले में टला बड़ा हादसा
श्रद्धालु स्नान करने के बाद गुरुद्वारा साहिब, तभी पानी बढ़ा और फंस गए श्रद्धालु

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड के चंपावत जिले में आयोजित ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा जोड़ मेले के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक बढ़े नदी के जलस्तर ने 50 से 60 श्रद्धालुओं को उफनती धारा के बीच फंसा दिया, लेकिन पहले से तैनात एसडीआरएफ उत्तराखंड की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी श्रद्धालुओं को सकुशल बाहर निकाल लिया।
मामला लदिया और रतिया नदियों के संगम क्षेत्र स्थित कुंड का है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के बाद गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए आ-जा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते तेज बहाव ने दर्जनों श्रद्धालुओं को नदी के बीच फंसा दिया। बढ़ते पानी की चपेट में कई वाहन भी आ गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि संभावित जोखिम को भांपते हुए एसडीआरएफ के सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और मौसम की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पहले से ही एक विशेष टीम तैनात कर रखी थी। यही दूरदर्शिता संकट की घड़ी में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच साबित हुई।
घटना की सूचना मिलते ही मेले में तैनात एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। तेज बहाव, लगातार बढ़ते जलस्तर और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम ने साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित नदी पार कराया। एसडीआरएफ ने केवल लोगों को ही नहीं बचाया, बल्कि नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ ने तत्काल स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद दोनों ओर बैरियर लगाकर आवाजाही नियंत्रित की गई और अन्य श्रद्धालुओं को नदी क्षेत्र की ओर जाने से रोक दिया गया। एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलने पर सेनानायक एसडीआरएफ उत्तराखण्ड श्री अर्पण यदुवंशी ने रेस्क्यू अभियान में शामिल टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों और मौसम संबंधी जोखिमों को देखते हुए अग्रिम तैनाती का उद्देश्य ही ऐसी आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
उन्होंने टीम के साहस, सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा करते हुए सभी कार्मिकों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए राज्य की सभी एसडीआरएफ इकाइयों को उच्च सतर्कता बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। रीठा साहिब जोड़ मेले में एसडीआरएफ की इस मुस्तैदी ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया और दर्जनों परिवारों को राहत की सांस दी।



