जंगल में तस्करों के साथ एनकाउंटर, 15 राउंड चली गोलियां
खैर की लकड़ी की तस्करी करने कार्बेट से सटे जंगल में पहुंचे थे तस्कर

Amit Bhatt, Dehradun: कॉर्बेट से सटे जंगल में तड़के खैर की लकड़ी की तस्करी की कोशिश उस समय नाकाम हो गई, जब गश्त पर निकली वन विभाग की टीम का आमना-सामना हथियारबंद तस्करों से हो गया। खुद को चारों ओर से घिरता देख तस्करों ने वन कर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में वन विभाग की टीम ने भी करीब 15 राउंड गोलियां चलाईं, जिसके बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले।
घटना रामनगर वन प्रभाग की गुलजारपुर बीट के एन-2 क्षेत्र की है। वन विभाग की टीम शुक्रवार तड़के नियमित गश्त पर थी। करीब ढाई से तीन बजे के बीच जंगल के भीतर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने पर वन कर्मियों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। इसी दौरान खैर के पेड़ काटने पहुंचे तस्करों ने खुद को घिरता देख वन कर्मियों को ललकारते हुए फायरिंग कर दी।
वन विभाग की जवाबी कार्रवाई से तस्करों में अफरा-तफरी मच गई और वे अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरी रात जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि तस्कर हाथ नहीं लगे, लेकिन वे अपनी तीन मोटरसाइकिलें मौके पर ही छोड़ गए। जांच में सामने आया कि इन्हीं बाइकों का इस्तेमाल खैर की लकड़ी की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
वन विभाग ने तीनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर जुड़का वन परिसर में सीज कर खड़ा करवा दिया है। मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अपराध का मुकदमा दर्ज किया गया है।
रामनगर वन प्रभाग के रेंजर शेखर तिवारी ने बताया कि फरार तस्करों के खिलाफ वन अपराध अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश चंद्र आर्या ने कहा कि तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वन विभाग का कहना है कि खैर की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


