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जोशीमठ की यह जमीन सिर्फ 08 टन प्रति वर्गमीटर का भार ही झेल पाएगी

आईआईटी रुड़की की अध्ययन रिपोर्ट में किया गया खुलासा, रिस्क मैप में 50 प्रतिशत भाग को माना गया संवेदनशील

Amit Bhatt, Dehradun: जोशीमठ में भूधंसाव को लेकर देश की आठ वैज्ञानिक संस्थाओं ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। आईआईटी रुड़की की अध्ययन रिपोर्ट की बात करें तो संस्थान के वैज्ञानिकों ने पूरे क्षेत्र का रिस्क मैप (जोखिम मानचित्र) तैयार कर वहां की जमीन की क्षमता स्पष्ट की है। जिसके मुताबिक मनोहरबाग क्षेत्र में जोशीमठ में लोनिवि गेस्ट हाउस के पास की जमीन की भार वाहन करने की अधिकतम क्षमता ही महज 8.5 टन प्रति वर्गमीटर पाई गई है। रिपोर्ट में जोशीमठ के करीब 50 प्रतिशत भू-भाग को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।


आईआईटी की ओर से तैयार किया गया जोशीमठ का रिस्क मैप।

आईआईटी रुड़की के विज्ञानियों ने जियो-टेक्निकल अध्ययन में अलग-अलग पैरामीटर पर जोशीमठ की जमीन की क्षमता का आकलन किया है। जियो-टेक्निकल अध्ययन आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ बीके माहेश्वरी के नेतृत्व में कुल चार सदस्यीय टीम ने किया। जमीन की क्षमता के आकलन के लिए कुल 12 स्थलों पर प्लेट लोड टेस्ट, डायनेमिक कोन पेनेट्रेशन टेस्ट, मल्टी-चैनल एनालिसिस, नेचुरल मॉइस्चर कंटेंट्स व ग्रेन साइज डिस्ट्रीब्यूशन संबंधी टेस्ट किए गए।

विज्ञानियों ने पाया कि अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन की क्षमता की अलग-अलग है। हालांकि, गुणदोष के आधार पर जोशीमठ के 50 प्रतिशत भाग को संवेदनशील बताया गया है। जोशीमठ में राजकीय महाविद्यालय, जेपी कालोनी, सिंहधार में पंचवटी के पास, नगर पालिका के पास, सुनील में शिवालिक कॉटेज के पास व रविग्राम के हेलीपैड के पास की भूमि की क्षमता ठीक पाई गई है। दूसरी तरफ नृसिंह मंदिर के पास लोवर बाजार, सिंहधार पार्किंग लाट, मनोहरबाग में रोपवे के टावर नंबर एक के पास, सीपीडब्ल्यूडी के पास व परसारी में एटी नाला के पास की जमीन की क्षमता कमजोर पाई गई है।


जोशीमठ में लोनिवि गेस्ट हाउस के पास की जमीन की क्षमता का उल्लेख आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के इस भाग में किया गया है।

लोनिवि गेस्ट हाउस के पास सर्वाधिक क्षमता 8.5 व सबसे कम 2.83 टन प्रति वर्गमीटर
आइआइटी रुड़की की अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक जोशीमठ के सबसे कमजोर लोनिवि गेस्ट हाउस के पास जमीन की भार वाहन करने की अधिकतम क्षमता महज 8.5 टन प्रति वर्गमीटर है। यहां पर एक स्थल ऐसा भी है, जिसकी क्षमता सिर्फ 2.83 टन प्रति वर्गमीटर ही है। दूसरी तरफ सबसे अधिक भार वाहन करने की क्षमता अपर बाजार नगर पालिका क्षेत्र में 44 टन प्रति वर्गमीटर पाई गई है।

जमीन के भार वहन करने की क्षमता (टन प्रति वर्गमीटर में)

स्थल, अधिकतम, न्यूनतम
राजकीय महाविद्यालय, 34, 11.33
जेपी कालोनी गेट, 38, 12.67
लोअर बाजार, 16, 5.33
पंचवटी इन, 30, 10
पार्किंग लाट, 31, 10.33
रोपवे टावर एक के पास, 23, 7.66
लोनिवि गेस्ट हाउस, 8.5, 2.83
सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय, 19, 6.33
अपर बाजार, 44, 14.66
परसारी एटी नाला, 18, 6
रविग्राम हेलीपैड के पास, 36, 12

08 से कम भार क्षमता मतलब हाई रिस्क में क्षेत्र
आईआईटी रुड़की के विज्ञानियों ने जमीन की भार वहन करने की क्षमता और अन्य मानकों पर रिस्क जोन भी तय किए हैं। भार वाहन करने की क्षमता के मानक के ही हिसाब से देखा जाए तो 08 टन प्रति वर्गमीटर से कम की क्षमता वाली जमीन को हाई-रिस्क जोन में रखा गया है। इसी तरह 12 टन प्रति वर्गमीटर से अधिक क्षमता वाले क्षेत्र को कम रिस्क वाले जोन में माना गया है।

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