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ईडी की प्रेस रिलीज में आइएफएस पटनायक का नाम नहीं

वरिष्ठ आइएफएस के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामदगी का भी नहीं जिक्र, जबकि कैश गिनने को बड़ी काउंटिंग मशीन तक मंगाई गई थी

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Amit Bhatt, Dehradun: पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत व उनसे जुड़े व्यक्तियों के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी में सर्वाधिक चर्चा बुधवार को वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक के आवास की हुई थी। क्योंकि, ईडी टीम को मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक के कैनाल रोड स्थित आवास से बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी। नकदी को गिनने के लिए ईडी अधिकारियों को बड़ी कैश काउंटिंग मशीन तक मंगानी पड़ी थी। तब बरामद नकदी एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही थी।
ईडी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज।

वहीं, गुरुवार सुबह बरामद राशि का आंकड़ा साढ़े चार करोड़ रुपये होने की सूचना मिली। साथ ही इस तरह की जानकारी भी बाहर आई कि 34 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज समेत विभिन्न आइएफएस अधिकारियों व रेंजर्स के नाम वाले लिफाफे मिले हैं। हालांकि, जब ईडी ने गुरुवार शाम को आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी की तो उसमें आइएफएस सुशांत पटनायक के नाम तक का जिक्र नहीं मिला। ऐसे में नकदी की बरामदगी को लेकर स्थिति कहां से स्पष्ट हो पाती। इस बारे में ईडी अधिकारी भी कुछ साफ-साफ कहने से बच रहे हैं। एक अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि प्रेस रिलीज से पटनायक का नाम हटना संभव नहीं है।

छापेमारी के केंद्र में बिरेंद्र कंडारी व पूर्व वनाधिकारी, 1.10 करोड़ रुपये किए जब्त

ईडी के प्रेस रिलीज में छापेमारी के केंद्र में पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व निजी सचिव बिरेंद्र कंडारी, पूर्व डीएफओ किशन चंद, तत्कालीन रेंजर बृज बिहारी शर्मा, हरक के करीबी नरेंद्र वालिया को रखा है। छापेमारी कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में पेड़ कटान और अवैध निर्माण समेत जमीन धोखाधड़ी के मामले में दर्ज मुकदमे के क्रम में किया जाना बताया गया है। दोनों ही प्रकरण में पूर्व मंत्री हरक सिंह को साजिश में संलिप्त बताया गया है। इसके साथ ही कहा गया है कि उत्तराखंड, हरियाणा व दिल्ली में 17 स्थानों पर की गई छापेमारी में 1.10 करोड़ रुपये, 80 लाख रुपये का 1.3 किलो सोना, 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की गई है। साथ ही उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई में कई बैंक लॉकर्स, डिजिटल डिवाइस को सीज किया गया है और अचल संपत्ति के बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

ईडी ने यहां की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम की छापेमारी बुधवार को उत्तराखंड समेत हरियाणा व दिल्ली में 17 ठिकानों पर एक साथ शुरू की थी। जिसमें ईडी की 17 टीमों ने बुधवार सुबह पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के देहरादून में डिफेंस कालोनी स्थित आवास, उनके बेटे के सहसपुर के शंकरपुर स्थित दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज समेत उनसे जुड़े करीबी अधिकारियों उत्तराखंड के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी व वन मुख्यालय से संबद्ध सुशांत पटनायक व पेड़ कटान में आरोपित सेवानिवृत्त प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) किशन चंद के हरिद्वार के आवास पर छापा मारा।
साथ ही हरक सिंह रावत के निजी सचिव रहे बिरेंद्र कंडारी के दून स्थित आवास, उनके करीबी नरेंद्र वालिया के ऋषिकेश में गंगानगर स्थित अपार्टमेंट, हरिद्वार रोड पर छिद्दरवाला स्थित लक्ष्मी राणा के अमरावती पेट्रोल पंप, काशीपुर में भाजपा के जिला मंत्री अमित सिंह के आलू फार्म स्थित आवास पर भी जांच की गई। इसके अलावा हरक सिंह रावत के श्रीनगर गढ़वाल में श्रीकोट स्थित गहड़ के पैतृक आवास और उनके करीबियों के अन्य ठिकानों को कवर किया गया था।

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