घास लेने गई महिला को खींच ले गया गुलदार, वन्यजीवों ने ग्रामीणों का जीना किया मुश्किल
पौड़ी और टिहरी के बाद अब नैनीताल में सामने आई दुखद घटना

Round The Watch News: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लोगों की जिंदगी लगातार कठिन होती जा रही है। एक तरफ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, तो दूसरी ओर जंगली जानवरों का बढ़ता खतरा ग्रामीणों के लिए बड़ा संकट बन चुका है। बीते 24 घंटों में अलग-अलग जिलों से सामने आई घटनाओं ने इस डर को और गहरा कर दिया है।
भीमताल में महिला की दर्दनाक मौत
नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक के ज्योलीकोट क्षेत्र स्थित सूर्या गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। गांव की रहने वाली हंसी देवी रोज की तरह सुबह करीब 9 बजे मवेशियों के लिए घास लेने जंगल गई थीं, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटीं। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई और ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश शुरू की गई।
जंगल में मिला सुराग, फिर चला सर्च ऑपरेशन
तलाश के दौरान ग्रामीणों को जंगल के भीतर महिला के कपड़े मिले, जिससे अनहोनी की आशंका और गहरा गई। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। शाम करीब 6 बजे सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेंजर नितिन पंत के नेतृत्व में सर्च अभियान शुरू किया गया।
2-4 किमी अंदर मिला अधखाया शव
घंटों की तलाश के बाद देर रात महिला का शव जंगल के भीतर 2 से 4 किलोमीटर अंदर मिला। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था—एक हाथ और एक पैर जंगली जानवर खा चुका था। शव को जिस तरह से घसीटकर अंदर ले जाया गया था, उससे हमले की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने पोटली में लपेटकर गांव पहुंचाया शव
घने जंगल से शव को बाहर लाना आसान नहीं था। ग्रामीणों ने महिला के शव को कपड़े में लपेटकर डंडों के सहारे कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाया। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे गांव को झकझोर दिया और माहौल शोक में डूब गया।
गुलदार या बाघ? जांच के बाद होगा खुलासा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला गुलदार ने किया या बाघ ने। डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि इलाके में दोनों वन्यजीवों की मौजूदगी है। शव से सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसके बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
पहले भी दिख चुका है बाघ, बढ़ी दहशत
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी बाघ देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शव को घसीटने के तरीके को देखते हुए बाघ के हमले की आशंका भी जताई जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
आक्रोशित ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने हमलावर वन्यजीव को जल्द पकड़ने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। वन विभाग ने इलाके में कैमरा ट्रैप लगाने और पिंजरे लगाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
बढ़ता खतरा, प्रशासन के सामने चुनौती
पौड़ी में मासूम बच्ची की मौत और टिहरी में भालू के हमले के बाद अब नैनीताल की इस घटना ने साफ कर दिया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष गंभीर रूप ले चुका है। ऐसे में प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है।



