
Round The Watch News: प्रेमनगर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुर के खिलाफ एचआईवी संक्रमण की जानकारी सार्वजनिक कर सामाजिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाने, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज अपने पास रखने तथा रुपये मांगने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर प्रेमनगर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित की शादी वर्ष 2019 में हुई थी और दंपती के दो बच्चे हैं।शिकायतकर्ता का कहना है कि विवाह के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाते हुए मायके का रुख कर लिया।
पीड़ित के अनुसार, पत्नी को वापस लाने के प्रयास किए गए तो उसने शर्त रखी कि वह अपने माता-पिता से अलग रहेगा। इसके बाद वर्ष 2020 में दोनों ने सुद्धोवाला में किराये का फ्लैट लिया, जहां वे वर्ष 2022 तक साथ रहे। बाद में दोनों वापस परिवार के पास लौटे, लेकिन कुछ समय बाद पत्नी ने फिर ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए और दोबारा मायके चली गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी के झाझरा क्षेत्र के दो युवकों से संबंध थे और वह उनके साथ शराब का सेवन करती थी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मार्च 2024 में तबीयत खराब होने पर कराई गई मेडिकल जांच में वह एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इसके बावजूद उसकी पत्नी बीच-बीच में उससे मिलने आती रही, लेकिन उसका व्यवहार सामान्य नहीं था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक दिन उसने पत्नी को दो दोस्तों के साथ चैट करते हुए पकड़ लिया, जिसके बाद पत्नी के परिजनों को बुलाया गया। इस घटना के बाद पत्नी घर छोड़कर चली गई।
पीड़ित का कहना है कि नवंबर 2024 में उसने एक फास्ट-फूड रेस्टोरेंट शुरू किया था। आरोप है कि पत्नी और उसके परिजनों ने उसके नियमित ग्राहकों को उसकी एचआईवी बीमारी की जानकारी देकर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया, जिसके चलते कारोबार प्रभावित हुआ और अंततः उसे रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने तलाक की बात की तो पत्नी और उसके परिजनों ने 20 लाख रुपये की मांग की। इसके अलावा पत्नी और उसके पिता पर उसकी संपत्ति से संबंधित पंजीकृत बिक्री विलेख (रजिस्टर्ड सेल डीड) अपने पास रखने और वापस न करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित का कहना है कि उसने पहले पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया गया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रेमनगर कोतवाली पुलिस ने पत्नी और उसके पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



