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बीकेटीसी प्रकरण: प्रमोद नौटियाल को रात को उठा ले गए सादी वर्दी में आए चार पुलिस कर्मी, मां ने दी तहरीर

देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित घर से बयान की बात कहकर अपने साथ ले गए पुलिस कर्मी

Amit Bhatt, Dehradun: बदरीनाथ धाम के चर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण में रविवार देर रात नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को सादे कपड़ों में पहुंचे चार पुलिस कर्मी उनके नेहरू कॉलोनी स्थित आवास से अपने साथ ले गए। परिवार को बताया गया कि उन्हें केवल बयान दर्ज कराने के लिए ले जाया जा रहा है, लेकिन कई घंटे बाद भी उनका कोई पता नहीं चलने पर परिजनों ने अपहरण और अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है।

प्रमोद नौटियाल की मां हेमलता नौटियाल ने नेहरू कॉलोनी पुलिस चौकी और थाने में दी गई शिकायत में बताया कि रविवार 12 जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे चार व्यक्ति उनके घर पहुंचे। सभी सादे कपड़ों में थे और स्वयं को पुलिसकर्मी बता रहे थे। उन्होंने प्रमोद नौटियाल को यह कहते हुए अपने साथ ले लिया कि उनका बयान दर्ज किया जाना है और पूछताछ के बाद उन्हें वापस छोड़ दिया जाएगा।

परिजनों के अनुसार, काफी देर तक प्रमोद के वापस नहीं लौटने पर उन्होंने पहले देहराखास चौकी और बाद में नेहरू कॉलोनी थाने में जानकारी ली, लेकिन दोनों स्थानों पर उन्हें बताया गया कि प्रमोद नौटियाल को वहां नहीं लाया गया है। परिवार का दावा है कि नेहरू कॉलोनी पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ओर से किसी पुलिसकर्मी या टीम को प्रमोद नौटियाल को लेने के लिए नहीं भेजा गया था।

तहरीर में हेमलता नौटियाल ने कहा है कि प्रमोद नौटियाल ने चढ़ावा चोरी मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय द्वारा 16 जुलाई तक गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में रात के समय उन्हें घर से ले जाए जाने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बेटे का किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह द्वारा अपहरण किया गया है और उसकी जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर प्रमोद नौटियाल का पता लगाने और उन्हें सकुशल बरामद करने की मांग की है।

क्या है पूरा चढ़ावा चोरी मामला?
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान अनियमितताओं और कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि चढ़ावे की नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं में हेराफेरी की गई। मामले में बीकेटीसी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया और पुलिस जांच शुरू हुई।

जांच के दौरान सामने आया कि कथित अनियमितताएं एक दिन की नहीं थीं। आरोप है कि कई दिनों तक चढ़ावे की राशि और सामग्री के प्रबंधन में गड़बड़ियां होती रहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच के साथ-साथ विभागीय जांच भी शुरू की गई।

32 दिन की सीसीटीवी फुटेज गायब होने पर उठे सवाल
जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया। सूत्रों के अनुसार, नियमों के तहत चढ़ावा कक्ष और उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की कम से कम 45 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जानी चाहिए, लेकिन जांच एजेंसियों को केवल 15 दिन की फुटेज ही उपलब्ध हो सकी। इस प्रकार लगभग 32 दिन की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि 45 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का प्रावधान था, तो 32 दिन की फुटेज कहां गई? क्या यह तकनीकी कारणों से नष्ट हुई या फिर उसे जानबूझकर हटाया गया? यदि फुटेज हटाई गई, तो यह किसके निर्देश पर किया गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था?

जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि गायब रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट हो सकता था कि चढ़ावा कक्ष में किन-किन लोगों की आवाजाही थी, चढ़ावे के प्रबंधन में किसकी क्या भूमिका थी और कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा था।

इसी कारण अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं गायब हुई फुटेज किसी व्यक्ति या समूह को बचाने के लिए तो नहीं हटाई गई। हालांकि, इस संबंध में अब तक किसी जांच एजेंसी या प्रशासनिक अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मामले में अब तक का घटनाक्रम
-चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने विभागीय जांच शुरू की।
-प्रमोद नौटियाल को पद से निलंबित किया गया।
-मामले में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया।
-सीसीटीवी फुटेज और चढ़ावा रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई।
-जांच के दौरान 45 दिन के बजाय केवल 15 दिन की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने की बात सामने आई।
-प्रमोद नौटियाल ने मामले में उच्च न्यायालय की शरण ली और परिवार का दावा है कि उन्हें 16 जुलाई तक राहत मिली हुई थी।
-रविवार रात चार सादे कपड़ों में पहुंचे लोग उन्हें बयान के नाम पर घर से अपने साथ ले गए।
-स्थानीय पुलिस ने ऐसी किसी टीम को भेजे जाने से इनकार किया।
-परिवार ने अपहरण और सुरक्षा संबंधी आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

कौन देगा इन सवालों के जवाब
-प्रमोद नौटियाल को अपने साथ ले जाने वाले लोग कौन थे?
-यदि वे पुलिसकर्मी थे तो किस इकाई या एजेंसी से जुड़े थे?
-स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की जानकारी क्यों नहीं थी?
-32 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग आखिर कहां गई?
-क्या गायब फुटेज में ऐसे तथ्य थे जो जांच की दिशा बदल सकते थे?
-क्या इस मामले में केवल एक व्यक्ति की भूमिका थी या जांच का दायरा और बड़ा है?

चढ़ावा चोरी प्रकरण में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का गायब होना और अब प्रमोद नौटियाल को कथित रूप से घर से ले जाने की घटना ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील और रहस्यमय बना दिया है। अब सबकी नजर पुलिस और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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