ओक ग्रोव स्कूल ने कब्जाई नगर पालिका की जमीन! डीएम से कार्रवाई की मांग
मसूरी नगर पालिका ने जिलाधिकारी देहरादून को भेजा पत्र, बताया पूरा हाल

Rajkumar Dhiman, Dehradun: मसूरी नगर पालिका परिषद ने प्रतिष्ठित ओक ग्रोव स्कूल, झड़ीपानी से सटी पालिका की भूमि को लेकर बड़ा दावा किया है। अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने जिलाधिकारी देहरादून को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि सीमांकन और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन के बाद भी पालिका की भूमि पर अवैध अध्यासन बना हुआ है। पालिका ने जिलाधिकारी से स्कूल के प्रिंसिपल को निर्देश जारी कर भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
पालिका के अनुसार, ओक ग्रोव स्कूल झड़ीपानी की सीमा और गेट से सटी नगर पालिका परिषद की संपत्तियों का सीमांकन गढ़वाल मंडल आयुक्त के आदेश पर गठित संयुक्त समिति ने 26 फरवरी 2024 को पालिका कर्मियों की मौजूदगी में किया था। इसके बाद नायब तहसीलदार सदर, देहरादून के नेतृत्व में गठित संयुक्त समिति ने 13 अप्रैल 2026 को राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया और 8 जुलाई 2026 को शजरा मिलान मानचित्र के साथ मौके का दोबारा निरीक्षण किया।
पत्र में दावा किया गया है कि ग्राम झड़ीपानी में नगर पालिका परिषद, मसूरी की 157 बीघा भूमि का स्वामित्व राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। पालिका का यह भी कहना है कि उसकी कुछ संपत्तियां ओक ग्रोव स्कूल के गेट के पास सीमा से बाहर स्थित हैं, जिनमें पालिका चौकी, भवन और रिक्त भूमि शामिल हैं। पत्र के अनुसार, इन संपत्तियों का उल्लेख रेल विभाग के विक्रय पत्रों में भी किया गया है।
नगर पालिका ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि ओक ग्रोव स्कूल परिसर के भीतर कार्यरत ठेकेदारों के मजदूरों को उक्त भूमि पर अस्थायी रूप से निवास कराया जा रहा है। पालिका का कहना है कि शासकीय हित में इस भूमि को खाली कराया जाना आवश्यक है।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर अधिशासी अधिकारी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पालिका की संपत्ति से अवैध अध्यासन (कब्जा) हटाने के लिए ओक ग्रोव स्कूल के प्रिंसिपल को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। फिलहाल यह नगर पालिका परिषद का आधिकारिक पक्ष है। ओक ग्रोव स्कूल की ओर से इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



