कांवड़ यात्रा में कार के ऊपर उछलने वाले को पुलिस ने लपका, अब मांग रहा माफी
वायरल हुआ था घटना का वीडियो, पुलिस ने हरकत में आते हुए की कार्रवाई

Amit Bhatt, Dehradun: हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान एक कार चालक के साथ मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वह पुलिस हिरासत में अपने कृत्य के लिए माफी मांगता दिखाई दे रहा है।
उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कांवड़ यात्रा आस्था, भक्ति और शांति का पर्व है तथा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हल्की टक्कर के बाद भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, बीते रोज मंगलौर क्षेत्र में एक कार की हल्की टक्कर से कुछ कांवड़ यात्रियों की कांवड़ खंडित हो गई थी। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ श्रद्धालु और अन्य लोग आक्रोशित हो गए।
आरोप है कि गुस्साई भीड़/कांवड़ यात्रियों ने कार चालक के साथ मारपीट की और वाहन को चारों ओर से घेरकर जमकर तोड़फोड़ की। वायरल वीडियो में एक युवक कार की छत पर चढ़कर उछलता-कूदता दिखाई देता है, जबकि कुछ अन्य लोग डंडों से कार को नुकसान पहुंचाते नजर आते हैं। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद पुलिस पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ा।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, तत्काल हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने कार चालक की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने राजा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है और उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लगातार सामने आ रहे हैं ऐसे मामले
पिछले कुछ समय से कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों से ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें मामूली विवाद के बाद वाहनों में तोड़फोड़, मारपीट और सड़क पर हंगामा देखने को मिला है। हालांकि लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ यात्रा पूरी करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की हिंसक हरकतें पूरी यात्रा की छवि पर सवाल खड़े कर रही हैं।
उठते हैं कई अहम सवाल
– क्या मामूली सड़क दुर्घटना या टक्कर का फैसला भीड़ करेगी या कानून?
– क्या धार्मिक यात्रा के नाम पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी स्थिति में उचित ठहराया जा सकता है?
– क्या ऐसे मामलों में केवल एक-दो गिरफ्तारियां पर्याप्त हैं, या पूरी भीड़ में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए?
– वायरल वीडियो के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान कर उन्हें कब तक कानून के दायरे में लाया जाएगा?
– क्या लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी और त्वरित पुलिस हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है?
आस्था के नाम पर अराजगता ठीक नहीं
कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। ऐसे में कुछ उपद्रवी तत्वों की हिंसक गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं, बल्कि शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं की छवि को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कानूनी कार्रवाई ही यह संदेश दे सकती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।



