Round The Watch News: बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के नंदप्रयाग स्थित अतिथि गृह में कार्यरत एक महिला सहायिका के गंभीर आरोपों ने मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला कर्मचारी ने बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती पर अभद्रता, मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। अभद्र व्यवहार से खिन्न महिला कर्मी उपाध्यक्ष के कक्ष के बाहर धरने पर भी बैठी नजर आईं।
पीड़िता के अनुसार, वह अपने स्थानांतरण और नियमितिकरण की मांग को लेकर जोशीमठ स्थित बीकेटीसी कार्यालय पहुंची थी। इसी दौरान उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती से हुई बातचीत में कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। महिला का आरोप है कि बातचीत के समय उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और उन्हें मानसिक दबाव बनाकर एक तथाकथित “स्टांप पेपर” पर लिखने के लिए मजबूर किया गया।
महिला कर्मचारी ने इस पूरे घटनाक्रम को मानसिक उत्पीड़न बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इतना ही नहीं, उन्होंने बीकेटीसी अतिथि गृह से जुड़े कुछ प्रबंधकों पर भी महिला कर्मचारियों के साथ बदतमीजी और असुरक्षित कार्यस्थल का माहौल बनाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए न तो सम्मानजनक वातावरण है और न ही सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था।
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िता ने बीकेटीसी में नियुक्त कुछ कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि समिति में नियमों और पारदर्शिता की अनदेखी की जा रही है।
फिलहाल इस गंभीर प्रकरण पर न तो बीकेटीसी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है और न ही उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की तरफ से कोई बयान सामने आया है। लेकिन आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जवाबदेही और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
यह मामला केवल एक कर्मचारी की शिकायत नहीं, बल्कि एक बड़े संस्थान में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े उस सिस्टम पर सवाल है, जिसे आदर्श और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पर कितनी निष्पक्षता और गंभीरता से कार्रवाई करता है।