देहरादून में नामी बिल्डर ने फ्लैट बेचे और जीएसटी जेब में रखी, अब पड़ा छापा तो जमा कराए 50 लाख
जीएसटी की टीम ने बिल्डर के दफ्तर से कब्जे में लिए रिकॉर्ड, बढ़ सकता है कर चोरी का आंकड़ा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून में एक बड़े कर चोरी मामले का भंडाफोड़ करते हुए GST (कर निर्धारण) विभाग की टीम ने शहर के एक नामी बिल्डर के सुभाष रोड स्थित कार्यालय पर सघन छापेमारी की। यह कार्रवाई आयुक्त कर सोनिका के उन निर्देशों के तहत की गई, जिनमें उन्होंने कर चोरों पर कड़ी नज़र रखने और सघन अभियान चलाने को कहा था।
फ्लैट खरीददारों से कर वसूली, लेकिन सरकार को भुगतान नहीं जांच के दौरान यह सामने आया कि बिल्डर ने फ्लैट खरीददारों से GST वसूला तो वसूल कर रहा है, लेकिन उसे निर्धारित समयसीमा में राजकोष में जमा नहीं किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच ने कर चोरी के गंभीर संकेत दिए जिसके बाद टीम ने सभी रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए।
विशेष टीम ने खंगाले सभी दस्तावेज
जांच टीम का नेतृत्व Joint Commissioner (कार्यपालक) देहरादून अनुराग मिश्रा द्वारा गठित दल ने किया, जिसमें शामिल थे डिप्टी कमिश्नर अजय बिरथरे, योगेश मिश्रा, निखिलेश श्रीवास्तव, असिस्टेंट कमिश्नर केके पांडेय, पूनम राजपूत, उमेश दुबे, अनंत रजनीश, राजीव तिवारी। टीम ने बिल्डर कार्यालय में रखे सभी बिक्री, रजिस्ट्रेशन, भुगतान और कर संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की।
बिल्डर ने स्वीकार की गलती, जमा कराए 50 लाख
लगभग तीन घंटे चली जांच के दौरान जब पुख्ता दस्तावेज सामने आए, तो बिल्डर ने गलती स्वीकार करते हुए 50 लाख रुपये नकद मौके पर ही जमा करा दिए। साथ ही शेष बकाया देनदारी जल्द ही जमा कराने का आश्वासन दिया।
कर चोरी की राशि ‘कहीं अधिक’, जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा
डिप्टी कमिश्नर अजय बिरथरे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कर चोरी की राशि बहुत कम नहीं है, बल्कि वास्तविक देनदारी कहीं अधिक हो सकती है, जिसके लिए रिकॉर्ड की गहन पड़ताल जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि कर विभाग आने वाले दिनों में बिल्डर की वित्तीय गतिविधियों और परियोजनाओं का विस्तृत ऑडिट करेगा।
GST विभाग का सख्त रुख, कर चोरों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, विभाग फिलहाल प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में कर चोरी की शिकायतों की एक सूची बनाए हुए है, और आने वाले दिनों में ऐसे कई और प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई संभव है। आयुक्त कर सोनिका ने साफ कर दिया है कि कर चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी बिल्डर, व्यापारी या कारोबारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



