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केदारनाथ में वीआईपी खर्चों पर बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने जांच समिति गठित की

दानराशि से नेताओं की आवभगत के आरोपों की होगी पड़ताल, तीन हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

Rajkumar Dhiman, Dehradun: बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने केदारनाथ धाम में नेताओं और कथित VIP मेहमानों पर हुए खर्च को लेकर उठे विवाद के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं के दानपात्र से प्राप्त धनराशि का उपयोग विशेष लोगों की आवभगत में किए जाने के आरोपों के बीच समिति ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को पूरे मामले की जांच कर 20 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

RTI से सामने आए खर्चों के दावे
सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से सामने आई जानकारी में दावा किया गया है कि गणेश जोशी की बेटी और भाजपा नेता नेहा जोशी के केदारनाथ प्रवास के दौरान दो दिनों में लगभग 60 हजार रुपये खर्च किए गए। वहीं, आशा नौटियाल के नाम पर करीब 37 हजार 500 रुपये खर्च दर्शाए जाने की बात भी सामने आई है।

आरोप यह भी हैं कि अन्य नेताओं और प्रभावशाली लोगों की यात्रा एवं व्यवस्थाओं पर भी BKTC के संसाधनों से खर्च किया गया। RTI से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया।

BKTC अध्यक्ष ने कहा- मामला गंभीर
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मामला सोशल मीडिया और RTI के जरिए उनके संज्ञान में आया, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए। उनके अनुसार, दान की राशि VIP मेहमाननवाजी में खर्च होने के आरोप गंभीर हैं और इसी कारण जांच समिति बनाई गई है।

समिति में BKTC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), वित्त नियंत्रक सहित चार सदस्य शामिल किए गए हैं। यह टीम वित्तीय और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर मामले की जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी।

संबंधित लोगों से भी होगी पूछताछ
विवाद बढ़ने के बाद नेहा जोशी और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से भी BKTC अध्यक्ष को पत्र भेजे गए हैं। कई नेताओं ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी यात्रा का खर्च स्वयं वहन किया था। हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जांच समिति संबंधित पक्षों से भी बातचीत करेगी ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

‘छवि खराब करने की कोशिश भी हो सकती है’
BKTC अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उनके मुताबिक यह मंदिर समिति और सरकार की छवि खराब करने की कोशिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

RTI में नोटशीट न होने पर उठाए सवाल
हेमंत द्विवेदी ने RTI से जुड़ी जानकारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक दस्तावेजों में संबंधित नोटशीट शामिल नहीं थी। उनके अनुसार, नोटशीट में खर्च और प्रस्ताव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहती हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि RTI केवल एक वर्ष की अवधि के लिए ही क्यों लगाई गई। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान BKTC में किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो उस पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

RTI एक्टिविस्ट ने मांगी थी जानकारी
यह मामला तब सामने आया जब RTI एक्टिविस्ट और अधिवक्ता विकेश नेगी ने BKTC के खर्चों से संबंधित जानकारी मांगी। RTI के जवाब में नेताओं और VIP व्यक्तियों के प्रवास पर हुए खर्च का विवरण सामने आने का दावा किया गया, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया।

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