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एलएलबी के दो छात्र होंगे निष्कासित, पुलिस की संस्तुति से मचा हड़कंप, चौथा आरोपी गिरफ्तार
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में गुटबाजी के कारण बीटेक के छात्र दुव्यांशु की मौत के बाद सख्त कदम, तीन आरोपी पूर्व में किए जा चुके थे गिरफ्तार

Rajkumar Dhiman, Dehradun: राजधानी में शैक्षणिक संस्थानों के भीतर छात्रों में बढ़ती गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सेलाकुई थाना क्षेत्र में पढ़ रहे एलएलबी के दो छात्रों के खिलाफ पुलिस ने न केवल कानूनी शिकंजा कसा, बल्कि उनके निष्कासन (Expulsion) की संस्तुति कर मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। यह कार्रवाई उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र दिव्यांशु की हत्या के बाद की गई।
अंकित भारद्वाज पुत्र श्री कुंदन गोस्वामी निवासी नूतन नगर थाना सिविल लाइन जिला गया बिहार (उम्र-19 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस युवराज कुमार, मधुर खंडेलवाल और शिवम शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही घटनाक्रम से जुड़े बाबा की रसोई तथा होटल चंपारण को सील किया जा चुका है।
दिव्यांशु हत्याकांड में आरोपी युवकों की गिरफ्तारी के बाद दो एलएलबी छात्रों के निष्कासन की संस्तुति भी इसी सख्ती का भाग है। यह कार्रवाई Dehradun Police की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल के निर्देशों के बाद की गई है, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों में गुटबाजी और आपराधिक प्रवृत्ति पर सख्ती बरतने को कहा गया था।
गुटबाजी से बिगड़ रहा माहौल
पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र एक निजी शिक्षण संस्थान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और लंबे समय से आपसी गुटबंदी में लिप्त थे। दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि इसकी शिकायतें थाने तक पहुंच गई थीं। जांच में सामने आया कि उनकी गतिविधियां संस्थान के माहौल और क्षेत्र की शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र एक निजी शिक्षण संस्थान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और लंबे समय से आपसी गुटबंदी में लिप्त थे। दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि इसकी शिकायतें थाने तक पहुंच गई थीं। जांच में सामने आया कि उनकी गतिविधियां संस्थान के माहौल और क्षेत्र की शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
172 BNSS में निरुद्ध, अब निष्कासन की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 25 मार्च 2026 को दोनों छात्रों को धारा 172 BNSS के तहत निरुद्ध कर दिया। इसके साथ ही सबसे कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित शिक्षण संस्थान को पत्र लिखकर दोनों छात्रों के निष्कासन की संस्तुति की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 25 मार्च 2026 को दोनों छात्रों को धारा 172 BNSS के तहत निरुद्ध कर दिया। इसके साथ ही सबसे कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित शिक्षण संस्थान को पत्र लिखकर दोनों छात्रों के निष्कासन की संस्तुति की गई है।
यह कदम साफ संकेत देता है कि अब शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासनहीनता और आपराधिक प्रवृत्ति को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अन्य छात्रों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि पढ़ाई के नाम पर गुटबाजी और दबंगई करने वालों पर सीधी और कड़ी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ संस्थान से बाहर का रास्ता भी दिखाया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
पुलिस ने साफ किया है कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूल-कॉलेजों पर नजर रखने और ऐसी गतिविधियों में शामिल छात्रों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने साफ किया है कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूल-कॉलेजों पर नजर रखने और ऐसी गतिविधियों में शामिल छात्रों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून में यह कार्रवाई एक मिसाल बनकर सामने जाएगी। पुलिस ने सिर्फ कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रहकर सीधे छात्रों के भविष्य पर असर डालने वाला कदम उठाया है। अब यह देखना होगा कि संबंधित संस्थान निष्कासन पर क्या फैसला लेता है, लेकिन फिलहाल इस सख्ती से छात्र समुदाय में स्पष्ट संदेश पहुंच गया है कि कैंपस में कानून से ऊपर कोई नहीं।




