उत्तराखंड के इस स्कूल में बना दिया भूत का मंदिर, शिक्षा विभाग ने जांच बैठाई
छात्रों ने 100-100 रुपये का चंदा एकत्रित कर बनाया गया भूत पूजन को मंदिर

Round The Watch News: विज्ञान और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में विज्ञान कांग्रेस और प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन कौसानी के एक सरकारी स्कूल से सामने आया मामला शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहां विद्यालय परिसर में कथित तौर पर अंधविश्वास के नाम पर छात्रों से धन जुटाकर ‘भूत मंदिर’ बना दिया गया।
मामला राजकीय इंटर कॉलेज, कौसानी का है, जहां आरोप है कि छात्र-छात्राओं से 100-100 रुपये लेकर परिसर में मंदिर का निर्माण कराया गया। जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि करीब 15 वर्ष पहले स्कूल के पास एक महिला की फिसलकर मौत हो गई थी। इसके बाद इलाके में यह चर्चा फैल गई कि उसकी आत्मा स्कूल परिसर के आसपास भटकती है। इसी वजह से कई बार छात्राओं के अचानक बेहोश होने की घटनाएं भी सामने आईं।
उस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं की काउंसलिंग भी कराई थी, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इसी बीच अंधविश्वास ने और जोर पकड़ा और आरोप है कि अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) ने छात्रों से चंदा इकट्ठा करना शुरू कर दिया।
विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले कुल 218 विद्यार्थियों से 100-100 रुपये लेकर करीब 21,800 रुपये जमा किए गए। बाद में जनवरी 2026 में परिसर के भीतर मंदिर बनाकर पूजा-अर्चना भी कराई गई।
मामला तब तूल पकड़ गया जब छात्रों से ली गई रकम और उसके खर्च को लेकर सवाल उठने लगे। इसके बाद यह पूरी घटना चर्चा का विषय बन गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य ताजबर सिंह का कहना है कि परिसर की सफाई और मंदिर निर्माण के लिए धनराशि पीटीए बैठक में अभिभावकों की सहमति से ली गई थी।
वहीं पीटीए अध्यक्ष चंदन सिंह भंडारी ने कहा कि अकाल मृत्यु की घटना के बाद कई छात्र डर और अस्वस्थता महसूस कर रहे थे, इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों के सहयोग से लगभग 25 हजार रुपये की लागत से मंदिर का निर्माण कराया गया।
मुख्य शिक्षाधिकारी विनय कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि स्कूल परिसर में इस तरह का निर्माण अंधविश्वास को बढ़ावा देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



