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नामी शोरूम के मैनेजर की नेम प्लेट पर जिहादी लिखा, जमकर हुआ हंगामा

मेट्रो शूज के शोरूम में हुआ हंगामा, हिंदू कर्मचारियों के उत्पीड़न को लेकर गरमाया मामला

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक नामी शू-शोरूम ‘मेट्रो’ में कर्मचारी उत्पीड़न, कथित जबरन वसूली और कर्मचारियों की पहचान छिपाने के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक कर्मचारी की शिकायत के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता शोरूम पहुंचे और वहां प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मामले के दौरान नेम प्लेट को लेकर भी विवाद हुआ, जिसके बाद शोरूम के भीतर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

कर्मचारी ने की थी शिकायत, उत्पीड़न का आरोप
शोरूम में कार्यरत विपिन सिंह नामक कर्मचारी ने बजरंग दल को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसके साथ मानसिक दबाव बनाया गया और आर्थिक वसूली की गई। शिकायत मिलने के बाद बजरंग दल के प्रांत मिलन प्रमुख विकास वर्मा अपने समर्थकों के साथ शोरूम पहुंचे और स्टोर प्रबंधन से जवाब मांगा।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शोरूम में कुछ कर्मचारी संगठित तरीके से काम करते हुए हिंदू कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं। इसी दौरान कर्मचारियों की नेम प्लेट को लेकर विवाद शुरू हो गया।

नेम प्लेट को लेकर बढ़ा विवाद, लिखा जिहादी
बजरंग दल कार्यकर्ताओं का दावा था कि हिंदू कर्मचारियों की नेम प्लेट पर पूरे नाम लिखे हुए थे, जबकि मुस्लिम कर्मचारियों की नेम प्लेट खाली थीं। इसे लेकर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई और सवाल उठाए कि कुछ कर्मचारी अपनी पहचान क्यों छिपा रहे हैं। आरोप है कि बहस बढ़ने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने खाली नेम प्लेटों पर मार्कर से आपत्तिजनक शब्द जिहादी लिख दिए। इस दौरान शोरूम के भीतर नारेबाजी और बहस का माहौल बना रहा।

कर्मचारी ने लगाया जबरन वसूली का आरोप
कर्मचारी विपिन सिंह के अनुसार वह वर्ष 2010 से शोरूम में कार्यरत था। हाल ही में हुई स्टॉक जांच में दो जोड़ी जूते कम पाए गए, जिनकी कीमत करीब 12,500 रुपये बताई गई। विपिन का आरोप है कि स्टोर मैनेजर मोहम्मद अख्तर ने नुकसान की भरपाई के लिए उससे भी रकम जमा कराने का दबाव बनाया।

विपिन ने दावा किया कि प्रबंधन की ओर से उससे 5,000 रुपये जमा करवाए गए। उसका कहना है कि उसने इसका विरोध किया था और पुलिस में शिकायत की बात भी कही थी, लेकिन उस पर दबाव बनाया गया। बाद में बजरंग दल कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के दौरान वही रकम वापस कराई गई।

छुट्टियां और ओवरटाइम को लेकर भी आरोप
विपिन सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि दिवाली के दौरान छुट्टी पर जाने के बावजूद उसकी अनुपस्थिति दर्ज कर वेतन काट लिया गया, जबकि उसके खाते में पर्याप्त छुट्टियां बची हुई थीं। उसने कहा कि सप्ताहांत में उससे तय समय से अधिक काम कराया जाता था, लेकिन ओवरटाइम भुगतान नहीं दिया गया। कर्मचारी का आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव के बाद उससे जबरन हस्ताक्षर करवाकर 1 मई को नौकरी से हटा दिया गया।

कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे और हिंदू कर्मियों का उत्पीड़न
बजरंग दल नेता विकास वर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मिलकर कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं और स्थानीय हिंदू युवकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के अन्य स्टोरों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, शोरूम प्रबंधन की ओर से इस पूरे विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मौके पर लौटाए गए 5000 रुपये
हंगामे के दौरान शोरूम के भीतर काफी देर तक बहस चलती रही। इसी बीच आरोप है कि स्टोर मैनेजर ने एटीएम से नकदी निकालकर विपिन सिंह को 5,000 रुपये लौटाए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस बोली- शिकायत मिलने पर होगी जांच
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमोद कुमार ने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तहरीर दी जाती है तो तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, शोरूम के भीतर हुए इस विवाद, कथित वसूली और नेम प्लेट प्रकरण को लेकर शहर में चर्चा तेज है।

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