उत्तरकाशी में सड़क निर्माण की फर्म पर राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 75 लाख रुपये मौके पर जमा
कर चोरी और गलत आईटीसी क्लेम पर कसा गया शिकंजा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ राज्य कर विभाग का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में उत्तरकाशी जिले में सड़क निर्माण कार्य से जुड़ी एक ठेकेदार फर्म पर विभाग ने छापेमारी कर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है। देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान फर्म से 75 लाख रुपये से अधिक की कर राशि मौके पर ही जमा कराई गई।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को अपर आयुक्त राज्य कर डीएस नबियाल और संयुक्त आयुक्त अजय कुमार सिंह के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। विभाग की टीम ने उत्तरकाशी में संचालित सड़क निर्माण से संबंधित संविदाकार फर्म के कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान में सर्वे और जांच की।
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को संकेत मिले कि फर्म ने इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लिया है। इसके अलावा टैक्स योग्य निर्माण सामग्री की खरीद-बिक्री और बिलिंग में भी कई तरह की विसंगतियां पाई गईं। जांच के दौरान टीम ने दस्तावेजों, खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान फर्म ने करीब 75 लाख रुपये से अधिक की कर देनदारी तत्काल जमा कर दी। साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी विभाग ने अपने कब्जे में लिया है, जिनकी विस्तृत जांच आगे की जाएगी।
विशेष अनुसंधान एवं प्रवर्तन शाखा के उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि जब्त किए गए रिकॉर्ड का विश्लेषण कर आगे की कर वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी आईटीसी क्लेम और कर चोरी के मामलों में विभाग लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई कर रहा है।
इस अभियान में सहायक आयुक्त टीआर चन्याल और राज्य कर अधिकारी भूपेंद्र जंगपांगी सहित अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।



