08 माह की गर्भवती पत्नी को करंट लगाया, गर्भस्थ शिशु की मौत, लिंग परीक्षण का था दबाव
राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में सामने आई दिल दहलाने वाली घटना

Amit Bhatt, Dehradun: विकासनगर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बेटे की चाहत में एक व्यक्ति पर अपनी आठ महीने की गर्भवती पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट करने और करंट लगाकर जान लेने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस हमले में गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हरियाणा में कथित रूप से कराए गए अवैध लिंग परीक्षण की भी पड़ताल की जा रही है।
शादी के बाद से बेटियों को लेकर प्रताड़ना
जानकारी के अनुसार, विकासनगर क्षेत्र के बालूवाला निवासी एक महिला की शादी करीब सात वर्ष पहले बबलू नामक व्यक्ति से हुई थी। दंपती की पहले से दो बेटियां हैं। आरोप है कि बेटियों के जन्म के बाद से ही पति पत्नी को प्रताड़ित करता था और बेटे की चाहत को लेकर अक्सर विवाद करता था।
गर्भ में बेटी होने की जानकारी के बाद बढ़ा विवाद
परिजनों का आरोप है कि महिला इस समय आठ महीने की गर्भवती थी। कुछ दिन पहले पति उसे हरियाणा के पानीपत ले गया, जहां कथित तौर पर अवैध तरीके से भ्रूण का लिंग परीक्षण कराया गया। आरोप है कि गर्भ में बेटी होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी।
पेट पर किए वार, करंट लगाने का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, शनिवार को हुए विवाद के दौरान आरोपी ने गर्भवती महिला के पेट पर लात-घूंसों से हमला किया और लकड़ी के डंडे से भी पीटा। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला को पानी से भरे टब के जरिए करंट लगाकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि गंभीर चोटों के कारण गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई।
पिता ने पुलिस से मांगी मदद
घटना की जानकारी मिलने पर महिला के पिता अपनी बेटी से मिलने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उन्हें मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला तथा उसके पति को थाने लेकर गई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया।
दून अस्पताल में ऑपरेशन, मां की हालत गंभीर
प्राथमिक उपचार के बाद महिला को दून अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकीय जांच में गर्भस्थ शिशु के मृत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मृत बच्ची को बाहर निकाला। अस्पताल में महिला का उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
अवैध लिंग परीक्षण के आरोपों की भी जांच
पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि हरियाणा के पानीपत में कथित रूप से लिंग परीक्षण कहां और किन परिस्थितियों में कराया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अवैध लिंग परीक्षण से जुड़े लोगों और संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
बेटियों के प्रति भेदभाव पर गंभीर सवाल
यह मामला केवल घरेलू हिंसा का नहीं, बल्कि कन्या भ्रूण और बेटियों के प्रति समाज में मौजूद भेदभावपूर्ण मानसिकता को भी उजागर करता है। गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जानने और उसके आधार पर महिला को प्रताड़ित करने जैसे आरोप कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पीड़िता के बयान सहित चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



