हरिद्वार में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा, 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एफआईआर
शासन की जांच में घपले की पुष्टि और गठित एसआईटी के बाद की गई कार्रवाई

Rajkumar Dhiman, Dehradun: केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में हरिद्वार जिले से बड़े स्तर पर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर दर्ज आंकड़ों और दस्तावेजों की जांच में संदिग्ध गतिविधियां पाए जाने पर जिले के 19 स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों के नाम पर गलत तरीके से आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया अपनाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हुई।
मामले की शिकायत मिलने के बाद भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उत्तराखंड शासन को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर अलग-अलग स्तर पर जांच समितियों का गठन किया गया। इन समितियों ने भगवानपुर, लक्सर, हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में स्थित संबंधित शिक्षण संस्थानों के अभिलेखों और छात्रवृत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की।
जांच रिपोर्ट में वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग के संकेत मिलने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इप्सिता रावत ने सिडकुल थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन 19 संस्थानों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
1. गॉड ब्लेस पब्लिक स्कूल, सहदेवपुर
2. एमजी पब्लिक स्कूल, अहमदपुर ग्रांट
3. एएसएन इंटर कॉलेज, धीरवाली (ज्वालापुर)
4. सैनी प्राइवेट आईटीआई, बहादराबाद
5. जय भारती प्राइवेट आईटीआई, पदार्था
6. एसबीएन प्राइवेट आईटीआई, टक्कर
7. आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, मुस्तफाबाद
8. विश्व भारती पब्लिक स्कूल, गाडोवाली
9. मदरसा नूर-ए-हसन, हरिद्वार
10. जय भारत पब्लिक स्कूल, बिन्दुखड़क
11. हन्नू आईटीआई, भगवानपुर
12. रेडियंस एकेडमी, नेहन्दपुर सुठारी (लक्सर)
13. रामतीर्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रहमतपुर (रुड़की)
14. रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुहाना
15. महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई, धनौरी
16. संस्कृति पब्लिक स्कूल, भौरी (रुड़की)
17. फोनिक्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड बिजनेस, कांजेल इमलीखेड़ा (रुड़की)
18. एसडीपीसी गर्ल्स इंटर कॉलेज, रुड़की
19. ओम इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, बढ़ेड़ी राजपूताना (रुड़की)
मामले ने जिले में छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब एसआईटी जांच से यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।



