
Amit Bhatt, Dehradun: शेयर और आईपीओ में निवेश के नाम पर मुनाफे का झांसा देकर करीब 55.48 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून टीम ने पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से 8.94 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी ने इस रकम को एटीएम और चेक के माध्यम से निकाल लिया था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रभजीत सिंह पुत्र स्वर्गीय जोगेन्द्र सिंह, निवासी गली नंबर 07, भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। उसकी उम्र 20 वर्ष है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक एसएमएस अलर्ट नंबर भी बरामद किया है।
IIFL Wealth Management से जुड़ा होने का किया दावा
यह मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मु.अ.सं. 10/2026 की विवेचना से जुड़ा है। मुकदमे में धारा 318(4)/61(2) बीएनएस और धारा 66(D) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी के आरोपियों ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर खुद को IIFL Wealth Management से जुड़ा बताया। इसके बाद शेयर और आईपीओ में निवेश कराने के नाम पर बेहतर लाभ का लालच दिया गया। आरोपियों के झांसे में आए शिकायतकर्ता ने 16 दिसंबर 2025 से 28 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 55,48,412 रुपये जमा कर दिए।
बैंक खातों की जांच में खुला आरोपी का कनेक्शन
मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी दौरान एक PNB खाता संख्या 2898000105250822 सामने आया, जो जांच में आरोपी प्रभजीत सिंह के नाम पर पाया गया।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से पहले चरण में संदिग्ध खाते M/S HARI OM TRADERS में कुल 25,48,412 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस रकम में से 3,18,000 रुपये और 5,76,300 रुपये, यानी कुल 8,94,300 रुपये आरोपी प्रभजीत सिंह के पीएनबी खाते में पहुंचाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने खाते में पहुंची रकम को एटीएम और चेक के जरिए निकाल लिया था। बैंकिंग लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क में उसकी सक्रिय भूमिका पाई।
अमृतसर में दबिश देकर गिरफ्तारी
साक्ष्य जुटाने के बाद साइबर पुलिस की टीम ने आरोपी की तलाश में पंजाब के अमृतसर में दबिश दी। पुलिस टीम ने 11 अगस्त 2026 को तारा वाला पुल, जालंधर रोड, अमृतसर से प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को साइबर ठगी की रकम से जुड़े अन्य बैंक खातों के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि उसने अन्य बैंक खातों से साइबर ठगी की धनराशि आहरित की थी।
गिरोह के दूसरे सदस्यों की जानकारी भी मिली
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में प्रभजीत सिंह ने गिरोह में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इन जानकारियों और अब तक मिले बैंकिंग व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।
एसटीएफ की साइबर टीम अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी और धनराशि की बरामदगी के लिए अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसटीएफ/साइबर टीम में निरीक्षक विजय भारती (विवेचक), उपनिरीक्षक रमन बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक पवन कुमार यादव और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।
बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी प्रभजीत सिंह के कब्जे से पुलिस ने 01 मोबाइल फोन 01 एसएमएस अलर्ट नंबर बरामद किया है।



