ऑफिस में चल रही थी पार्टी, घुस आए 08-10 ‘पुलिस कर्मी’ और कर दी लूट
हल्द्वानी क्षेत्र के गोरापड़ाव में SOG बनकर घुसे हथियारबंद बदमाशों ने 08 लाख की नकदी समेत लाखों के जेवर और 12 मोबाइल लूटे

Round The Watch News: हल्द्वानी क्षेत्र में बरेली रोड स्थित गोरापड़ाव क्षेत्र में बुधवार देर रात हथियारबंद बदमाशों ने कमर्शियल ऑफिस में धावा बोलकर सनसनीखेज डकैती को अंजाम दे दिया। करीब 08 से 10 बदमाशों ने खुद को पुलिस की एसओजी टीम बताकर ऑफिस में मौजूद लोगों को तमंचे के बल पर धमकाया और वहां जुए में लगी करीब आठ लाख रुपये की नकदी समेत सोने की अंगूठियां, दो सोने की चेन और 12 मोबाइल फोन लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी कार से बरेली रोड की ओर फरार हो गए।
पार्टी और जुए के बीच अचानक पहुंची कार
जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात गोरापड़ाव क्षेत्र स्थित एक कमर्शियल ऑफिस में कुछ लोग पार्टी कर रहे थे और वहां जुआ भी खेला जा रहा था। इसी दौरान एक कार आकर ऑफिस के बाहर रुकी। कार से करीब 8 से 10 लोग उतरे और हथियारों के साथ ऑफिस के अंदर दाखिल हो गए।
अंदर घुसते ही आरोपियों ने मौजूद लोगों पर तमंचे तान दिए। इसके बाद उन्होंने खुद को पुलिस की एसओजी टीम का सदस्य बताया। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोग घबरा गए और उन्होंने इसे पुलिस की छापेमारी समझकर विरोध नहीं किया।
जुए की रकम के साथ जेवर भी उतरवाए
बदमाशों ने ऑफिस में रखी जुए की रकम अपने कब्जे में ले ली। पुलिस के मुताबिक, यह रकम करीब आठ लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद आरोपियों ने वहां मौजूद लोगों के हाथों से सोने की अंगूठियां भी उतरवा लीं। दो सोने की चेन भी लूट ली गईं।
बदमाश यहीं नहीं रुके। उन्होंने वहां मौजूद लोगों के करीब 12 मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए। माना जा रहा है कि मोबाइल फोन छीनने का मकसद वारदात के तत्काल बाद पुलिस को सूचना दिए जाने से रोकना था।
कार में बैठकर बरेली रोड की तरफ भागे
लूटपाट के बाद सभी आरोपी उसी कार में सवार हुए और बरेली रोड की दिशा में फरार हो गए। बदमाशों के पुलिस और एसओजी का नाम लेकर वारदात को अंजाम देने से मामला और गंभीर हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एसपी सिटी मौके पर पहुंचे, चार टीमें जांच में जुटीं
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी सिटी मनोज कत्याल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
पुलिस की सर्विलांस टीम भी सक्रिय कर दी गई है। घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि घटना गंभीर है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
नकली SOG बनकर वारदात ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
गोरापड़ाव की इस वारदात में बदमाशों ने जिस तरह खुद को एसओजी टीम बताकर लोगों को डराया, उससे पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचने के साथ-साथ यह पता लगाने की चुनौती भी है कि उन्हें ऑफिस में चल रही गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



