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सीबीआई करेगी कार्बेट पार्क में अवैध निर्माण और 6000 पेड़ों के कटान की जांच

नैनीताल हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश, राज्य की जांच एजेंसियों को जांच में सहयोग के निर्देश

Amit Bhatt, Dehradun: कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में किए गए अवैध निर्माण और 6000 पेड़ों के कटान के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। प्रकरण की जांच अब सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) करेगी। इस मामले में दायर दो जनहित याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने बुधवार को निर्णय सुनाया।

कोर्ट ने राज्य की जांच एजेंसियों से सीबीआइ को सहयोग करने को कहा है। कोर्ट ने आदेश की एक प्रति सीबीआइ को भी शीघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण की जांच की आंच पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत तक भी पहुंची है। हाल में उच्च न्यायालय की तल्ख टिप्पणी और चेतावनी के बाद विजिलेंस ने पूर्व काबीना मंत्री से संबंधित कुछ ठिकानों पर दबिश दी थी।
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि कोर्ट ने एक साल पहले पेड़ों के अवैध कटान के बारे में मुख्य सचिव को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। अभी तक छह हजार पेड़ काटे जा चुके हैं। मामले में पांच जांच की जा चुकी हैं, फिर भी दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। पेड़ कटान के साथ-साथ अवैध निर्माण भी अधिकारियों की शह पर हो रहे हैं। इस मामले में मुख्य सचिव ने भी अपने शपथपत्र में कहा था कि समय-समय पर की जा रही कार्रवाई के बारे में उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया जाएगा। लेकिन, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी ठोस तथ्य के बारे में न्यायालय को अवगत नहीं कराया गया है। उच्चतम न्यायालय ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया था की सीटीआर का एक भी वृक्ष नही काटा जा सकता। न ही कोई निर्माण कार्य किया जा सकता।

वर्तमान में वन विभाग सर्वे के अनुसार 6000 से ज्यादा पेड़ काटे जाने के साथ-साथ कई अवैध निर्माण कर दिए गए हैं। वन विभागाध्यक्ष/हेड ऑफ द फारेस्ट की ओर से गठित जोशी कमेटी के अनुसार कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन इन शीर्ष अधिकारियों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।

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