विधायक उमेश ठगी का शिकार, WhatsApp पर दिखी विंटेज कार, खाते से उड़ गए 4.5 लाख!
व्हाट्सएप पर दिखाई मोरिस कार की तस्वीरें और वीडियो, पूरी रकम लेने के बाद मुकरा डीलर

Amit Bhatt, Dehradun: खानपुर विधायक उमेश कुमार को एक दुर्लभ विंटेज मोरिस कार बेचने का झांसा देकर साढ़े चार लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कार की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर विश्वास में लेने वाले आरोपी ने पूरी रकम मिलने के बाद न केवल कार भेजने से इनकार कर दिया, बल्कि कथित तौर पर यह तक कह दिया कि उसने शुरू से ही धोखा देने के इरादे से सौदा किया था। मामले में विधायक के देहरादून स्थित कार्यालय के प्रबंधक असद खान की शिकायत पर राजपुर थाना पुलिस ने रांची (झारखंड) निवासी ख्वाजा मोटर्स के संचालक ख्वाजा हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सएप से शुरू हुआ सौदा
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार अगस्त 2025 में विधायक उमेश कुमार के व्हाट्सएप नंबर पर एक पुरानी मोरिस कार बेचने का संदेश आया। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को रांची स्थित ख्वाजा मोटर्स का संचालक ख्वाजा हुसैन बताया। उसने व्हाट्सएप के माध्यम से कार की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी। बताया गया कि कार का सौदा 4.50 लाख रुपये में तय हुआ और वाहन की डिलीवरी देहरादून में देने पर सहमति बनी।
किश्तों में भेजी पूरी रकम
आरोपी के झांसे में आकर विधायक की ओर से उसके फेडरल बैंक खाते में कई किश्तों में पूरी राशि ट्रांसफर कर दी गई। शिकायत के मुताबिक 11 और 22 अगस्त 2025 को 50-50 हजार रुपये, 27 अक्टूबर को दो लाख रुपये तथा 7 नवंबर को 1.50 लाख रुपये आरोपी के खाते में भेजे गए।
रकम मिलते ही बदली नीयत
शिकायत में कहा गया है कि पूरी रकम प्राप्त होने के बाद जब आरोपी से कार को देहरादून भेजने के लिए कहा गया तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उसने कार भेजने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि फोन पर उसने यह स्वीकार किया कि कार बेचने की बात केवल बहाना थी और उसने धोखे से रकम हासिल की है। इसके बाद आरोपी ने पैसे लौटाने से भी मना कर दिया और संपर्क से बचने लगा। कई बार फोन करने के बावजूद उसने कॉल उठाना बंद कर दिया।
रांची तक पहुंच सकती है जांच
राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है। मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही जांच के सिलसिले में पुलिस टीम को रांची भेजा जा सकता है।



