पौड़ी में राजस्थान के यात्रियों ने की स्थानीय युवकों से मारपीट, 10 यात्री हिरासत में
वाहन ओवरटेक करने को लेकर विवाद, मारपीट में तीन स्थानीय युवक घायल

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड के श्रीनगर (पौड़ी) में ओवरटेक को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। स्थानीय युवकों और राजस्थान से आए यात्रियों के बीच हुई मारपीट में 03 स्थानीय युवक घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने राजस्थान से आए 10 यात्रियों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पौड़ी चुंगी से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत पौड़ी चुंगी क्षेत्र में हुई। आरोप है कि ओवरटेक के दौरान एक कार ने बाइक को टक्कर मारने जैसी स्थिति पैदा कर दी। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। विवाद उस समय शांत होता दिखा और दोनों अपने-अपने रास्ते आगे बढ़ गए।
दोबारा आमना-सामना, फिर बढ़ा विवाद
घायल युवक चिराग बहुगुणा के अनुसार, कुछ दूरी पर क्वालिटी फूड के पास और बाद में श्री यंत्र टापू के समीप दोनों पक्षों का फिर से सामना हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार सवार युवकों ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया और इसके बाद डंडों, पत्थरों और हाथापाई के जरिए हमला किया।
शिकायत में यह भी आरोप है कि हमले के दौरान एक युवक के हाथ पर दांत से काटा गया। इस मारपीट में चिराग बहुगुणा समेत तीन स्थानीय युवक घायल हुए, जिनके सिर, हाथ और कमर में चोटें आने की बात कही गई है।
शिकायत में क्या कहा गया?
चिराग बहुगुणा ने पुलिस को दी गई लिखित तहरीर में आरोप लगाया है कि शुरुआती विवाद के दौरान कार सवार युवकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली थी। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने अन्य लोगों को बुलाकर दोबारा हमला किया, जिससे मामला गंभीर हो गया।
पुलिस ने 10 यात्रियों को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पुलिस ने राजस्थान से आए 10 यात्रियों को हिरासत में लेकर श्रीनगर कोतवाली में रखा है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली में जुटे स्थानीय युवक
मारपीट की खबर फैलने के बाद देर रात बड़ी संख्या में स्थानीय युवक श्रीनगर कोतवाली पहुंच गए। वहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। कुछ समय तक कोतवाली परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने उत्तराखंड को शांत, धार्मिक और आस्था की भूमि बताते हुए कहा कि यहां लंबे समय से स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने चिंता जताई कि हाल के वर्षों में यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की घटनाएं बढ़ती दिखाई दे रही हैं, जिससे राज्य की छवि प्रभावित हो सकती है।
कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं का सम्मान किया जाना चाहिए और छोटी-छोटी बातों को टकराव का रूप देने से बचना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने टिप्पणी की कि पहले चारधाम यात्रा में मुख्य रूप से श्रद्धालु और बुजुर्ग शामिल होते थे, जबकि अब कुछ लोग इसे पर्यटन और मनोरंजन के नजरिए से लेने लगे हैं। लोगों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाने और देवभूमि की शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।



