
Amit Bhatt, Dehradun: राजधानी के दून अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में रविवार तड़के इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मरीज के तीमारदारों और अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई मारपीट में महिला सुरक्षा गार्ड समेत चार कर्मचारी घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें नजर आ रहा है कि एक महिला तीमरदार सुरक्षा कर्मियों पर लात मार रही है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गायनी इमरजेंसी में एक महिला मरीज का उपचार चल रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर मरीज के परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान महिला सुरक्षा गार्ड पर बोतल से हमला किया गया। इसके अलावा वार्ड आया और दो अन्य सुरक्षा कर्मियों को भी चोटें आईं। सभी घायलों का अस्पताल में ही उपचार कराया गया।
दूसरी ओर, मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मरीज को समय पर उपचार नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बिना आवश्यकता यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट (यूपीटी) कराने के लिए कहा गया और जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में मारपीट की नौबत आ गई।
अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। प्रशासन का कहना है कि गायनी इमरजेंसी में यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट (यूपीटी) उपचार प्रक्रिया का नियमित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल है। इस जांच के माध्यम से मरीज की स्थिति का सही आकलन कर सुरक्षित और उपयुक्त इलाज सुनिश्चित किया जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और दोनों पक्षों की शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



