अफसरों पर मेहरबान इस विभाग में पनप रहा असंतोष, कल सचिवालय का होगा घेराव
उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन करेगा सचिवालय का घेराव

Rajkumar Dhiman, Dehradun: प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाले राज्य कर विभाग में अजब गंगा बह रही है। यहां वर्ष 2008 से लेकर 2024 के बीच अधिकारियों के पदों में तीन बाद बढ़ोतरी कर ढांचा 466 का कर दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ कर्मचारियों का ढांचा 777 पर ही अटका है। कर्मचारियों के ढांचे में संशोधन की मिन्नतें करके तक चुके अब एसोसिएशन की मुख्यालय शाखा के कर्मचारियों ने आंदोलन को धार देने का निर्णय लिया है। अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर मुख्यालय शाखा के आह्वान पर कर्मचारी सोमवार 06 अप्रैल को सचिवालय का घेराव करेंगे।
एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष जसवंत सिंह खोलिया और मंत्री पिंकेश रावत ने कहा कि उनकी दो सूत्री मांगें राज्य कर मिनिस्टीरियल कार्मिकों के नए प्रस्तावित ढांचे की स्वीकृति और राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली 2009 में द्वितीय संशोधन 2024 लंबे समय से अधर में लटकी है।
पदाधिकारियों ने कहा कि आयुक्त राज्य कर ने मिनिस्टीरियल कर्मको के पुनर्गठित ढांचे का प्रस्ताव वर्ष 2024 और 2025 में भी शासन को भेजा था। लेकिन, वरिष्ठ अधिकारी उनके अधिकारों पर कुंडली मारे बैठे हैं। ऐसा ही राज्य कर अधिकारी नियमावली में संशोधन की मांग पर भी किया गया। स्थिति यह है कि समय के साथ काम का बोझ बढ़ने से कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि 24 अक्टूबर 2025 को राज्य कर मुख्यालय में आयोजित बैठक में 10 सूत्री मांगों (मुख्यतः उक्त दो मांग) पर एक माह के भीतर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया था। जिसके बाद 03 अक्टूबर 2025 से चलाए जा रहे चरणवार आंदोलन को 30 नवंबर 2025 तक के लिए स्थगित किया गया था। इस आश्वासन के बाद भी शासन की वादाखिलाफी से अब कर्मचारी बेहद नाराज हैं। लिहाजा, अब सचिवालय घेराव के साथ ही आंदोलन की आगे की रणनीति भी तैयार की जाएगी।



