Dehradun

देहरादून में Heat wave: भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच एडवाइजरी जारी

जिला प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश, 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में झुलसा रही गर्मी

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पर भीषण गर्मी और लू का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका के बीच जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है, जबकि अस्पतालों से लेकर बाजारों, बस अड्डों और स्कूलों तक व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।


भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। देहरादून शहर के साथ-साथ जौलीग्रांट, डोईवाला और मैदानी इलाकों में भी लू जैसे हालात बनने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, बिजली, पानी, नगर निकाय, शिक्षा, श्रम और आपदा प्रबंधन विभागों को तत्काल राहत और बचाव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
24 घंटे अलर्ट मोड पर DEOC, अस्पतालों में विशेष तैयारी
जिलाधिकारी के निर्देश पर DEOC को 24×7 सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। स्वास्थ्य विभाग को सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ORS, IV फ्लूड्स, जरूरी दवाइयों और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

बाजार, बस अड्डों और चौराहों पर पानी और छांव
भीषण गर्मी से आमजन को राहत देने के लिए नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर पेयजल, वाटर टैंकर और छायादार स्थल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी शेड और विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी की जाएगी।

बिजली-पानी पर फोकस, जल संकट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर
भीषण गर्मी में बिजली कटौती और पानी की किल्लत बड़ी परेशानी बन सकती है। इसे देखते हुए बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और पेयजल व्यवस्था प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। जल संस्थान को नियमित जलापूर्ति बनाए रखने और संकटग्रस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी के टैंकर भेजने को कहा गया है।
मजदूरों और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
निर्माण स्थलों और बाहरी कार्यस्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों को लू से बचाने के लिए काम का समय सुबह और शाम तक सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमिकों के लिए छाया, ठंडा पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
वहीं शिक्षा विभाग को मौसम की गंभीरता के अनुसार स्कूल टाइमिंग में बदलाव या अवकाश पर निर्णय लेने के लिए कहा गया है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बच्चे प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

DM की अपील: दोपहर की धूप से बचें, लापरवाही पड़ सकती है भारी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, मोबाइल मैसेज और सार्वजनिक उद्घोषणा के जरिए लगातार एडवाइजरी जारी करेगा।

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