हल्द्वानी में अमेजन डिलीवरी स्टोर में भीषण आग, दो कर्मचारियों की मौत
दोनों कर्मचारियों को बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला, सामान और वाहन भी खाक

Amit Bhatt, Dehradun: हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी क्षेत्र में शुक्रवार देर रात अमेजन के एक डिलीवरी स्टोर में भीषण आग लगने से दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई। आग लगने के समय दोनों कर्मचारी स्टोर के अंदर सो रहे थे, जबकि शटर बाहर से बंद था। धुएं और आग की तेज लपटों के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे स्टोर से अचानक धुआं और आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। पास में स्थित ब्लिंकिट स्टोर के कर्मचारियों ने सबसे पहले घटना को देखा और तत्काल फायर ब्रिगेड तथा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन स्टोर का शटर बंद होने के कारण बचाव अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दमकल कर्मियों और पुलिस ने कटर मशीन की मदद से शटर को काटकर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक स्टोर के भीतर रखा सामान, वाहन और अन्य सामग्री पूरी तरह जल चुकी थी।
हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों की पहचान गौलापार निवासी नरेंद्र और पंचायतघर निवासी अमित के रूप में हुई है। आग बुझने के बाद दोनों के शव स्टोर के भीतर मिले। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि दोनों की मौत धुएं से दम घुटने और आग की चपेट में आने के कारण हुई। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।
आग लगने के कारणों को लेकर अभी जांच जारी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या चार्जिंग पर लगी स्कूटी की बैटरी को संभावित वजह माना जा रहा है। आग में लाखों रुपये मूल्य के पार्सल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एक स्कूटी और एक मालवाहक टेम्पो भी जलकर नष्ट हो गए।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मौके पर पहुंचने पर स्टोर के अंदर से घना धुआं और तेज लपटें निकल रही थीं। बंद शटर के कारण अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी। रेस्क्यू टीम ने शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन दो कर्मचारियों को बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस, फायर विभाग और तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। फिलहाल शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।



