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उत्तराखंड के सभी जिलों में साइबर थाना खुलेगा, साइबर अपराधी आएंगे पकड़ में

डीजीपी ने समीक्षा बैठक में दिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश

Amit Bhatt, Dehradun: साइबर क्राइम देश में सर्वाधिक तेजी से बढ़ने वाला अपराध बन गया है। तकनीक के बढ़ते प्रयोग के साथ साइबर अपराधी तेजी से नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। इस अपराध को करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में साइबर क्राइम व साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाना भी चुनौती बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में साइबर थाना खोलने की जरूरत बढ़ गई है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक (उत्तराखंड)

डीजीपी अशोक कुमार ने सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में अपराध, कार्मिक, बजट आपरेशन प्रहार, आपरेशन स्माइल और आपरेशन मुक्ति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों में साइबर थाना खोलने पर चर्चा की।डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध देश में सबसे बड़ा उभरता हुआ क्राइम है। सभी जनपद प्रभारी इसे प्राथमिकता पर लें। इसकी गंभीरता को देखते हुए साइबर शिकायतों की नियमित निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय के लिए प्रयोगात्मक तौर पर पुलिस महानिरीक्षक पुलिस आधुनिकीकरण नीलेश आनंद भरणे को नियमित रूप से समीक्षा करने के निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने 49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के भ्रमण को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। कहा कि इस वर्ष जनवरी से सितंबर तक अपराध नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई में बेहतर प्रगति हुई है। प्रदेश को अपराध एवं अपराधी मुक्त बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस कटिबद्ध है। हत्या, लूट, डकैती, चैन स्नैचिंग, आदि अपराधों के खुलासे एवं बरामदगी का प्रतिशत काफी अच्छा है।

डकैती एवं वाहन लूट के मुकदमों के शत प्रतिशत खुलासे कर बरामदगी की गई। लूट में 94 प्रतिशत निस्तारण व 96 प्रतिशत बरामदगी करने के लिए सभी जनपद प्रभारियों को बधाई दी। साथ ही कहा कि जिन जनपदों में प्रतिशत कम है, वहां प्रोफेशनली पुलिसिंग से प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था इसकी मासिक समीक्षा करें। अच्छा कार्य करने वाले जनपद प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर इस अवसर पर एडीजी पीवीके प्रसाद, अभिनव कुमार, वी मुरूगेशन, एपी अंशुमान, आइजी विम्मी सचदेवा, नीरू गर्ग,  कृष्ण कुमार वीके, नीलेश आनंद भरणे, करन सिंह नगन्याल सहित सभी जिलों के एसएसपी व एसपी मौजूद रहे।

डीजीपी ने यह भी दिशा-निर्देश किए जारी

-आपरेशन प्रहार के अंतर्गत कुछ जनपदों ने काफी अच्छा कार्य किया है। हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चंपावत व पिथौरागढ़ की कार्यवाही प्रशंसनीय है। शेष जनपद भी अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में कार्रवाई बढ़ाएं।

-उत्तराखंड पुलिस एप स्मार्ट पुलिसिंग की ओर एक बड़ा कदम है। आमजन को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य यह एप बनाया गया है। सभी जनपद प्रभारी इस एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। वाहन चोरी और गुमशुदा वस्तुओं के संबंध में आनलाइन ई-एफआइआर दर्ज करें।

– दोनों परिक्षेत्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने परिक्षेत्र में एक से तीन वर्ष तक की लंबित पड़ी विवेचनाओं को स्वयं मानिटर करें। एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था इसकी समीक्षा करें।

– ट्रैफिक चालान संबंधी शिकायतों पर डीजीपी ने सख्त हिदायत दिए हैं कि आधिकारिक बैंक खाते में ही आनलाइन चालान की धनराशि जमा कराएं।

-इंटरनेट मीडिया पर राष्ट्र विरोधी, सांप्रदायिक और फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।

-दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट से संबंधित मुकदमों का दो माह के भीतर निस्तारण करें।

-गैर जमानती वारंट के तामील में नाराजगी जताते हुए तामील का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए।

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