बैठे-बिठाए 78 करोड़ रुपये बढ़ जाएगी ग्रीन बिल्डिंग की लागत
ग्रीन बिल्डिंग के संशोधित प्रस्ताव को स्वीकृति देने से पहले मुख्य सचिव करेंगे एग्रीमेंट की समीक्षा


स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण का अनुबंध कार्यदाई संस्था केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने कश्यपी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साथ जनवरी 2021 में कर दिया था। हालांकि, तब यह स्पष्ट नहीं था कि ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कलेक्ट्रेट परिसर के पुराने भवनों को ढहाकर किया जाएगा या हरिद्वार रोड स्थित परिवहन निगम की क्षेत्रीय कार्यशाला की भूमि पर। इसको लेकर लंबी कसरत की गई और अंत में तय किया गया कि ग्रीन बिल्डिंग परिवहन निगम की भूमि पर ही बनाई जाएगी। करीब ढाई माह पहले स्मार्ट सिटी कंपनी ने परिवहन निगम की भूमि पर बेसमेंट की खोदाई के साथ निर्माण शुरू करवा दिया था। फिर यह प्रस्ताव तैयार कराया गया कि शहर में बढ़ रही पार्किंग की समस्या को देखते हुए बिल्डिंग में एक बेसमेंट की जगह दो बेसमेंट बनाए जाने चाहिए। इसके अलावा छह फ्लोर की बिल्डिंग की जगह आठ फ्लोर तैयार करने का निर्णय लिया गया। लेकिन, इस काम में सबसे बड़ी अड़चन यह आ रही कि इसमें बिल्डिंग की लागत में वर्तमान दर के आधार पर 78 करोड़ रुपये का इजाफा हो जाएगा।

लिहाजा, किसी भी प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले ग्रीन बिल्डिंग में किए गए अतिरिक्त प्रविधान को हाई पावर कमेटी (एचपीसी) के पास भेजा गया। मुख्य सचिव (एचपीसी के अध्यक्ष) डॉ एसएस संधु ने यह कहते हुए प्रस्ताव को लौटा दिया कि पहले इसे स्मार्ट सिटी कंपनी की बोर्ड बैठक से पास कराया जाए। प्रस्ताव को बोर्ड से पास कराने के बाद अब एचपीसी के सम्मुख रखा गया। मुख्य सचिव ने तमाम बिंदुओं पर गौर करने के बाद पाया कि वर्तमान दर पर काम कराने के चलते लागत में अत्यधिक बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद आकलन किया गया कि पुरानी दरों पर ही काम कराए जाने की दशा में लागत में 78 करोड़ रुपये की जगह 38 करोड़ का ही इजाफा होगा।
मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु ने फिर सवाल उठाया कि किसी भी बात पर आगे बढ़ने से पहले ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण को लेकर कराए गए अनुबंध का भलीभांति अध्ययन कर लिया जाए। ताकि भविष्य में इस्टीमेट में संशोधन की नौबत न आए। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी अपर सचिव लोनिवि विनीत कुमार को दी। फिलहाल इसी कशमकश के बीच परियोजना का निर्माण अस्थाई तौर पर बंद चल रहा है।



