
Amit Bhatt, Dehradun: देहरादून के राजकीय पॉलिटेक्निक, पित्थूवाला में परीक्षा के दौरान नकल के संदेह से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में पकड़े गए छात्र के परिजन अगले दिन कॉलेज परिसर में घुस आए और नियंत्रण कक्ष में मौजूद शिक्षकों तथा कर्मचारियों के साथ मारपीट की। दूसरी ओर छात्र पक्ष का कहना है कि उनके बेटे के साथ पहले दुर्व्यवहार और मारपीट की गई थी।
जानकारी के अनुसार छात्र कबीर कंडवाल के पिता महेश कंडवाल उत्तराखंड पुलिस के संचार विभाग में दरोगा के पद पर तैनात हैं, जबकि उसके मामा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में कार्यरत हैं और वर्तमान में देहरादून में तैनाती पर हैं।शिक्षकों के अनुसार घटना के समय उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। महेश कंडवाल हाल ही में उत्तराखंड पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए लखनऊ में आयोजित मास्टर्स बैडमिंटन प्रतियोगिता में पदक जीतकर लौटे थे।
सीसीटीवी में कैद हुई परीक्षा के दौरान की गतिविधियां
कॉलेज प्रशासन के अनुसार 4 जून को फाइनल ईयर सिविल इंजीनियरिंग की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान छात्र कबीर कंडवाल बार-बार पीछे बैठे सेकेंड ईयर आईटी के छात्र की ओर मुड़कर बातचीत करने की कोशिश करता दिखाई दिया। आरोप है कि वह अपनी सीट छोड़कर दूसरे छात्र की सीट तक भी पहुंचा। संस्थान का दावा है कि पूरी घटना परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।
फुटेज की समीक्षा के बाद परीक्षा नियंत्रण समिति ने दोनों छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया। शिक्षकों का कहना है कि फाइनल ईयर के छात्र से लिखित माफीनामा मांगा गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसके पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। हालांकि, छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे दोबारा परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई।
अगले दिन परिजनों के पहुंचने से बढ़ा विवाद
शिक्षकों के मुताबिक 5 जून को संबंधित छात्र अपने पिता, मामा, कुछ महिलाओं और अन्य लोगों के साथ कॉलेज पहुंचा। आरोप है कि समूह सीधे परीक्षा नियंत्रण कक्ष में पहुंचा और वहां मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
कर्मचारियों का दावा है कि कुछ लोगों ने थप्पड़ मारे, गाली-गलौज की और कमरे में रखी कुर्सियों का इस्तेमाल भी किया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग नियंत्रण कक्ष के भीतर शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की और हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो रिकॉर्डिंग का विरोध करने पर बढ़ा तनाव
संस्थान के कर्मचारियों का कहना है कि जब हंगामे के दौरान कुछ शिक्षक और कर्मचारी मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करने लगे तो परिजन और अधिक नाराज हो गए। आरोप है कि रिकॉर्डिंग बंद कराने की कोशिश के दौरान विवाद और बढ़ गया।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने महिला शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना के दौरान नियंत्रण कक्ष और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शिक्षक और कर्मचारी विरोध में उतरे
घटना के विरोध में शनिवार को संस्थान के शिक्षक और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्यस्थल पहुंचे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान में घुसकर शिक्षकों के साथ मारपीट करना बेहद गंभीर मामला है।
शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा के दौरान पकड़े गए छात्र के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन उसका भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए उसे समझाकर परीक्षा में बैठने दिया गया। उनका आरोप है कि इसके बावजूद अगले दिन शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई।
छात्र पक्ष ने भी लगाए गंभीर आरोप
वहीं, छात्र के परिजनों का कहना है कि उनका बेटा नकल नहीं कर सकता और उसे बेवजह परेशान किया गया। परिवार का आरोप है कि परीक्षा के दौरान शिक्षकों ने छात्र के साथ मारपीट भी की थी। इसी आधार पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज
मामले में दोनों पक्षों ने पटेल नगर थाना में तहरीर दी है। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक छात्र पक्ष ने बेटे के साथ मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि शिक्षकों और कर्मचारियों ने छात्र के परिजनों पर मारपीट, अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



