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वीडियो: सड़कें खोदकर छोड़ने पर डीएम का सख्त एक्शन, ऊर्जा निगम के एसई का वेतन रोका

एसएसपी के साथ निरीक्षण पर निकले जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने हीलाहवाली पर जताई कड़ी नाराजगी

Rajkumar Dhiman, Dehradun: शहर में भूमिगत बिजली लाइन बिछाने के नाम पर लंबे समय से अधूरे पड़े कार्यों और जगह-जगह खोदी गई सड़कों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को मौके पर निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पांच दिनों के भीतर परियोजना पूरी नहीं हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ जीएमएस रोड से सहारनपुर चौक तक भूमिगत बिजली केबल परियोजना का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कार्यस्थलों की स्थिति देखकर नाराजगी जताई। निरीक्षण में सामने आया कि कई स्थानों पर सड़कें खोदने के बाद उन्हें महीनों से खुला छोड़ दिया गया है। सड़क किनारे निर्माण सामग्री और मलबा जमा होने से यातायात प्रभावित हो रहा है और स्थानीय लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की गति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मजदूरों और मशीनों की तैनाती की जाए। उन्होंने 500-500 मीटर के हिस्सों में कार्य विभाजित कर मिशन मोड में काम पूरा करने को कहा, ताकि अगले पांच दिनों के भीतर भूमिगत केबल बिछाने की प्रक्रिया समाप्त हो सके।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जैसे ही किसी हिस्से का कार्य पूरा हो, उसे तत्काल लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया जाए। इससे सड़क मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम बिना देरी शुरू किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत अनिवार्य रूप से पूरी होनी चाहिए और निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

निरीक्षण के दौरान गैस पाइपलाइन परियोजना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित एजेंसियों को निर्धारित शर्तों के अनुरूप कार्य पूर्ण कर सड़कों को विभागीय मानकों के अनुसार बहाल करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनता की सुविधा से जुड़े विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी और परियोजनाओं की नियमित निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहरवासियों को बेहतर सड़कें और सुगम यातायात व्यवस्था मिल सके।

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